पेनिस की नसों का इलाज कैसे करते है ? जानिए

नमस्कार दोस्तों, आज हम पेनिस की नसों के बारे में जानकारी प्राप्त करने वाले है | पेनिस की नसों में दर्द होना, नसों का सिकुड़ना,पेनिस में दर्द,या फिर टेस्टिकल की नसों में दर्द होना | इसकी जानकारी देने वाले की आखिरी में दर्द क्यों होता है और किसका आप को किस प्रकार से खतरा होता है | दोस्तों वास्तविकता में देखा जाये तो पेनिस यह मासपेशियो से बना हुआ है, और उसकी ऊपर की सतह पर क्या फिर इस के निचले हिस्से में या के हिस्से में जो भी नसों तो आप महसूस करते हैं | वही नसे लिंग में रक्त संचालन का काम करती है | वास्तव में, ये नसें महत्वपूर्ण हैं।

लिंग का रक्त बहने के बाद आपको एक इरेक्शन देने के लिए, आपके लिंग की नसें रक्त को वापस हृदय तक ले जाती हैं और फिर से वही रक्त नसों के जरिए इनका में संचरण करता है |

दोस्तों आप सभी के दिल में यह ख्याल आता होगा कि कई लोगों की लिंग की साइज़ ऐसी होती हैं, जो दूसरों की तुलना में अधिक दिखाई देती हैं। तो यह आम बात है इसमें चिंता करने की कोई बात नहीं है क्योंकि यह इंसानों के शारीरिक विकास पर आधारित होता है |

तो चलिए हम जानकारी देते हैं कि अगर पीने की नसों में किसी प्रकार का दर्द हो रहा हो तो उसका इलाज किस प्रकार से किया जाए ? चलिए आगे की जानकारी में देखते हैं लिंग की नसों में ढीलापन क्यों आता है ?

लिंग की नसों में ढीलापन क्यों आता है ? Ling ki Nase Dhili Padna :

दोस्तों पेनिस की नसों का ढीलापन यानी एक गुप्त रोग का हिस्सा है | लिंग की नसों में ढीलापन यानी कि आपके का कार्य करना या आपके लिंग को नपुसंकता की ओर ले जाना यह होता है | अब हम इसके बारे में जानते हैं कि यह होता कैसे हैं इन कारणों की वजह से लिंग की नसों में ढीलापन आता है |

हृदय रोग, उच्च रक्तचाप,मधुमेह,मोटापा,मेटाबोलिक सिंड्रोम, स्थितियों का एक समूह जिसमें उच्च रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल और इंसुलिन का स्तर और इससे कमर और फिल्म के इर्द-गिर्द का हिस्सा बढ़ जाता है यानी की अतिरिक्त चर्बी वहां पैदा हो जाती है | देख काफी बार रक्त परिसंचरण होने के लिए परेशानियां होती है | साथ ही साथ पार्किंसंस रोग, टेस्टोस्टेरोन की कमी, पेय्रोनी की बीमारी,धूम्रपान,शराब या ड्रग्स पदार्थों की आदत,मस्तिष्क या रीढ़ की हड्डी में चोट,अंडकोष को विकिरण चिकित्सा,प्रोस्टेट या मूत्राशय पर किसी प्रकार की सर्जरी इत्यादि कारणों की वजह से लिंग की नसों में ढीलापन आता है |

लिंग की नसों में ढीलापन आने से क्या होता है ? Ling Ke Nerves Dheele Padna :

लिंग की नसों में ढीलापन आना यह फ़िलहाल की वर्त्तमान स्थिति को मध्य नजर रखते हुए | यह बीमारी दुनिया के 10 करोड़ लोगों में हर साल पाई जाती है | इसे इरेक्टाइल डिस्फंक्शन कहते हैं, यानी कि जो भी इंसान सेक्स के लिए उत्तेजित होता है तो उस वक्त उसके लिंग में ढीलापन आना शुरू हो जाता है जिससे वह अपने पार्टनर को संतुष्ट नहीं कर पाता है | यानी कि सेक्स करने के पहले ही उस इंसान का वीर्य निकल जाता है और लिंग ढीला हो जाता है और उसके बाद काफी समय तक प्रयास करने के बावजूद भी लिख दो में कठोरता आना संभव नहीं होता है और इससे वह अपने पार्टनर को खुश नहीं कर पाता है और खुद भी दुखी हो जाता है | आज के वर्तमान स्थिति को में लोगों की भागदौड़ भरी जिंदगी के कारण हो रहा है वह अपनी सेहत का ध्यान रखना बोल रहे हैं और साथ ही साथ उनके खाने में प्रोटीन और विटामिन सी की मात्रा घटती जा रही है जिसके कारण होने इन बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है |

पेनिस के नसों का ढीलापन कैसे दूर करे ? Penis ki Naso Me dhilapan :

दोस्तों पेनिस की नसों का ढीलापन दूर करने के लिए कई प्रकार के तरीके आज उपलब्ध है | जैसे कि आप साइंटिफिकली यानी कि डॉक्टरों की सलाह के अनुसार किसी विशिष्ट प्रकार की सर्जरी या फिर टेबलेट खा कर इस बीमारी से छुटकारा पा सकते हैं | तो आइए हम सब से पहले यह जानकारी ले लेते हैं कि डॉक्टरों की सलाह अनुसार हमें क्या करना चाहिए ?

वैसे देखा जाए तो पेनिस की नसों का ढीलापन है यह बहुत बड़ी बीमारी नहीं है लेकिन इसमें काफी लोग ज्यादा चिंता ग्रस्त हो जाते हैं इसी वजह से यह बीमारी बढ़ने लगती है | लेकिन ऐसे में कई पुरुष सिर्फ गोलियां खाकर अपने लिंग की नसों का ढीलापन दूर करने में सफल हुए हैं तो इनमें कुछ इस प्रकार की टेबलेट का इस्तेमाल किया जाता है |

अगर आप इन टेबलेट का इस्तेमाल करना चाहते हैं यह तो आप डॉक्टर की सलाह अनुसार इसीलिए ताकि आप किसी भी प्रकार के साइड इफेक्ट से बच सके ? इनमें सिल्डेनाफिल (आमतौर पर ब्रांड नाम वियाग्रा के नाम से जाना जाता है), तडालाफिल (सियालिस), वॉर्डनफिल (लेवित्र) और अवानाफिल (स्टेंड्रा) शामिल हैं। प्रत्येक प्राकृतिक रूप से नाइट्रिक ऑक्साइड को बढ़ाकर काम करता है, जो लिंग में मांसपेशियों को आराम देता है और रक्त प्रवाह बढ़ाता है, जिससे हमारे लिंग की नसों में रक्त का परिसंचरण तेजी से होता है और यह उत्तेजना बढ़ाने में मदद करता है।

दोस्तों इसी के साथ आप आयुर्वेदिक दवाइयों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं और साथ ही साथ योगाभ्यास करके भी लिंग की नसों का ढीलापन दूर कर सकते हैं तो आइए जानते हैं आयुर्वेदिक दवाइयों के बारे में और किन प्रकार के योग अभ्यास करने से आप इससे छुटकारा पा सकते है |

दोस्तों आप योगाभ्यास में लिंग का ढीलापन दूर करने के लिए पश्चिमोत्तानासन,उत्तासन, सूर्य नमस्कार,मत्स्यासन,त्रिकोणासन, और धनुरासन इन आसनों का अप्रैल करके आपको यह नियमित रूप से करने पर आप लिंग के ढीलेपन की बीमारी से जल्द ही राहत पा सकते हैं |

लिंग का ढीलापन दूर करने के लिए अपने भोजन में पोषक आहार को शामिल करें जैसे कि हरी हरी सब्जियां , रोजाना दो से तीन फलों का सेवन सफरचंद ,तरबूज,पपाया, टमाटर इन सब का सेवन करना आपके लिए फायदेमंद साबित होगा साथ ही साथ आप प्रोटीन युक्त और भी ले सकते हैं जैसे कि काजू, बादाम, अक्रोड, आमला इत्यादि |

लंड का ढीलापन दूर करने के लिए दवाई : Lund ka Dheelapan :

लिंग का ढीलापन दूर करने के लिए कई प्रकार की दवाइयां आज आपको मार्केट में अवेलेबल हो जाती है लेकिन बिना जानकारी प्राप्त की है अगर आप किसी भी प्रकार की दवाई का सेवन करते हैं तो इसका आपको ही नुकसान हो सकता है इसीलिए कभी भी डॉक्टर की सलाह अनुसार ही दवाइयों का सेवन करना अनिवार्य है |

दोस्तों हम आपको आगे की जानकारी में दवाइयों के नाम बताने वाले है | जिनके इस्तेमाल से आप लिंग का ढीलापन दूर कर सकते है |

  1. सिल्डेनाफिल (आमतौर पर ब्रांड नाम वियाग्रा के नाम से जाना जाता है),
  2. तडालाफिल (सियालिस),
  3. वॉर्डनफिल (लेवित्र)
  4. अवानाफिल (स्टेंड्रा)

ऊपर दी गई दवाइयां दूर करने में काफी असरदार मानी जाती है लेकिन हमारी आपको राय है कि आप अगर लिंग के ढीलेपन की बीमारी का शिकार है और आप उसमें सुधार लाना चाहते हैं तो बिना डॉक्टर की सलाह आप दवाइयों का सेवन ना करें | धन्यवाद

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