नमस्ते दोस्तों, कैसे हो आप? जब एक महिला गर्भावस्था में होती हैं; तब घर के सभी सदस्य उसको लेकर बड़े चिंतित और सतर्क रहते हैं। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के खाने पीने का विशेष ख्याल रखा जाता है। गर्भावस्था के पहले ३ महीने बहुत ही नाजुक माने जाते है |क्योंकि, गर्भावस्था के पहले ३ महीनों में ही गर्भपात होने की संभावना सबसे अधिक होती हैं। इसीलिए, गर्भावस्था के दौरान महिला का विशेष ध्यान रखा जाता है। अगर किसी महिला के पहले ही गर्भपात हो चुके हैं और फिर से वह गर्भवती हो; तो ऐसे में उसका विशेष ध्यान रखा जाता है; ताकि फिर से गर्भपात ना हो सके। इसलिए आज हम जानेंगे क्या खाने पीने से गर्भ गिर जाता है ? क्या खाए क्या नहीं ?

गर्भपात होने के लिए कई अन्य कारण जिम्मेदार होते हैं। लेकिन गर्भावस्था के दौरान खानपान में कोई भी गलती हो जाए; तो अंदरुनी रूप से गर्भ को नुकसान पहुंचता है और गर्भपात होने की संभावना बढ़ जाती हैं। गर्भपात एक ऐसी अवस्था होती हैं; जो शारीरिक रूप से महिला को खोखला तो बनाती ही हैं। अक्सर ऐसे कई कारण होते है जिससे गर्भात हो सकता है जैसे की लड़की के साथ सेक्स करने के बाद भी कुछ गलती हो जाए टो भी यह हो सकता है |

लेकिन, मानसिक रूप से भी उसे काफी परेशान करके रख देती हैं। गर्भपात किसी भी महिला को अच्छा नहीं लगता है। गर्भपात के बाद महिला शारीरिक रूप से तो दवाइयों का सेवन करके और खानपान का विशेष ख्याल रखते हुए रिकवर हो जाती हैं।  लेकिन, गर्भपात के बाद महिला को मानसिक रूप से रिकवर होने में बहुत देर लग जाती हैं। इसलिए, महिलाओं का गर्भावस्था के दौरान सबसे ज्यादा ध्यान रखा जाता है। गर्भावस्था एक महिला के जिंदगी का सबसे नाजुक दौर माना जाता है। 

इस दौरान गर्भवती महिला के द्वारा किसी भी चीज का सेवन उसके बच्चे पर बुरा प्रभाव डाल सकता है। इसलिए, गर्भवती माता को भी खुद के खानपान का विशेष ध्यान रखना बहुत ही आवश्यक होता है। 

तो आइए दोस्तों, आज जानेंगे; गर्भावस्था के दौरान खाने पीने की क्या खाने पीने से गर्भपात या गर्भ गिर जाने की संभावना रहती है।

प्रेगनेंसी में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं इस पर क्यों ध्यान रखना चाहिए ? Pregnancy care tips to avoid Abortion :

गर्भावस्था हर महिला के जीवन का सबसे नाजुक और सुंदर दौर माना जाता है। इस दौरान महिला के शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य संभालना बहुत ही आवश्यक होता है। शारीरिक स्वास्थ्य बरकरार रखने के लिए महिलाओं को कई सारी बातों से परहेज किया जाता है। 

गर्भावस्था के दौरान अधिक वजन वाले और पेट पर दबाव लाने वाले कामों को करने से परहेज किया जाता है। इसी के साथ, मानसिक तनाव से दूर रहने को कहा जाता है। खासतौर पर, महिलाओं के गर्भावस्था के दौरान उनके घर के सभी सदस्य उनके खानपान का विशेष ख्याल रखते हैं; क्योंकि महिला के पेट में पल रहे बच्चे तक सही तरीके से पोषक तत्व पहुंच पाए। 

महिला के द्वारा ही गर्भ में पल रहे बच्चे का पोषण होता है और महिला जो भी खाती हैं; भ्रूण को मिलता है। इसीलिए, महिलाओं के प्रेगनेंसी के दौरान उनके खानपान का खास ख्याल रखना बहुत आवश्यक होता है। अगर खाने पीने में कुछ ऊंच-नीच हो जाए; तो गर्भ में पल रहे बच्चे के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

इसी के साथ, ऐसे कई पदार्थ मौजूद होते हैं; जो गर्भावस्था के दौरान सेवन करने से गर्भपात होने की संभावना बढ़ जाती हैं। इसलिए, महिलाओं को अपने गर्भावस्था के दौरान खुद के खानपान का विशेष ख्याल रखना चाहिए; ताकि वह अनचाहे गर्भपात से सुरक्षित रह सके।

प्रेगनेंसी में क्या पीने से गर्भ गिर सकता है ? Kya Pine se Ladki ka Garbh Gir Sakta hai ?

प्रेगनेंसी में क्या पीने से गर्भ गिर सकता है
प्रेगनेंसी में क्या पीने से गर्भ गिर सकता है

प्रेगनेंसी में ऐसे कई तरल पदार्थ होते हैं; जिनको खाने से परहेज किया जाता है।

१) कैफेन युक्त पदार्थ –

महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान कैफिन युक्त पदार्थ जैसे कॉफी का सेवन नहीं करना चाहिए। अध्ययन के अनुसार l, गर्भावस्था के दौरान कॉफी का सेवन करने का कोई सुरक्षित स्तर नहीं होता है। इसीलिए, महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान कॉफी का सेवन वर्जित करना चाहिए।

अगर महिलाएं गर्भावस्था के दौरान कॉफी का अधिक मात्रा में सेवन करती हैं; तो उनके पेट में पल रहे भ्रूण के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। रिसर्च के अनुसार, जो महिलाएं गर्भावस्था के दौरान महिलाएं काफी का सेवन करती हैं; तो उनको गर्भपात तथा बच्चे के स्वास्थ्य पर बुरा असर होना, कम वजन वाले बच्चे जैसे जटिलताएं उत्पन्न होने की संभावना बढ़ जाती हैं।

२) शराब –

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को शराब का सेवन भी बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। शराब की एक बूंद भी गर्भ में पल रहे बच्चे के स्वास्थ्य पर बहुत ही बुरा प्रभाव डालती हैं।

अध्ययन के अनुसार, जो महिलाएं गर्भावस्था के दौरान शराब का सेवन करती हैं; उनके पेट में पल रहे बच्चे के विकास की गति प्रभावित होती है और अन्य स्वास्थ्य संबंधित जटिलताएं भी उत्पन्न होने की संभावना बढ़ जाती हैं।

प्रेगनेंसी में क्या खाने से गर्भ गिर जाता है ? Pregnant ka Garbh Kya khane se Girta hai ?

प्रेगनेंसी में क्या खाने से गर्भ गिर जाता है
प्रेगनेंसी में क्या खाने से गर्भ गिर जाता है

निम्नलिखित पदार्थों का सेवन गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में वर्जित माना जाता है।

१) मेथी दाना –

सामान्य स्थितियों में स्वास्थ्यवर्धक माने जाने वाला मेथीदाना का सेवन गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के लिए हानिकारक माना जाता है। मेथी दाना बहुत ही गर्म तासीर वाला होता है। इसीलिए, महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

अगर महिलाएं गर्भावस्था के दौरान किसी भी दौर में मेथी दाने का सेवन करती हैं; तो उनके डिलीवरी जल्दी होने की और गर्भपात होने की संभावना भी रहती हैं।

२) चाइनीज इंस्टेंट पदार्थ –

चाइनीस पदार्थों को बनाने में विविध प्रकार के सॉस इस्तेमाल किए जाते हैं; जिनमें नमक की भारी मात्रा पाई जाती हैं। महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान नमक वाले पदार्थ से भी परहेज करना चाहिए और चाइनीस इंस्टेंट फूड से भी परहेज करना चाहिए। ज्यादा नमक वाले पदार्थ खाने से और चाइनीस फूड का सेवन करने से महिलाओं के गर्भ में पल रहे बच्चे के स्वास्थ्य पर और विकास पर बहुत ही बुरा प्रभाव पड़ता है।

चाइनीस पदार्थ महिलाओं के लिए प्रेगनेंसी के दौरान सबसे हानिकारक माने गए हैं। इनका सेवन करने से बच्चे का जन्म होने के बाद भी बच्चे में कई सारे डिफेक्ट्स देखने को मिल सकते हैं।

३) कच्चा पपीता –

पोषक तत्व से युक्त पपीते का सेवन हर किसी को करने की सलाह दी जाती है। लेकिन, गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को कच्चे पपीते का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। पपीता चाहे पका हो या कच्चा हो; प्रेगनेंसी में महिलाओं को डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही पपीते का सेवन करना चाहिए।

कच्चे पपीते का सेवन करने से गर्भ में पल रहे भ्रूण पर बुरा प्रभाव पड़ता है और गर्भपात होने की संभावना सबसे अधिक होती हैं।

४) एलोवेरा जूस –

कई बीमारियों को जड़ से खत्म करने वाला और सेहत के लिए स्वास्थ्यवर्धक साबित होने वाला एलोवेरा जूस का सेवन कई लोग रोजाना तौर पर करते हैं। लेकिन, गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को एलोवेरा जूस का सेवन करने से परहेज किया जाता है। एलोवेरा जूस गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए हानिकारक होता है और जहर के समान माना जाता है।

एलोवेरा जूस का प्रेगनेंसी के दौरान सेवन करने से महिलाओं के पेल्विक हिस्से में ब्लीडिंग होने की संभावना बनी रहती है; जिससे गर्भपात हो सकता है। इसीलिए, गर्भावस्था में महिला को एलोवेरा जूस का सेवन बिलकुल भी नहीं करना चाहिए।

५) तिल के बीज –

तिल के बीज हमारे लिए बहुत ही स्वास्थ्यवर्धक होते हैं। लेकिन, प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को तिल के बीज खाने से परहेज किया जाता है। खासतौर पर, पहले तीन से चार महीनों के दौर में प्रेगनेंसी के दौरान तिल के बीज खाने से मना किया जाता है। क्योंकि, तिल के बीज का सेवन करने से गर्भावस्था के दौरान गर्भ में पल रहे शिशु पर बुरा प्रभाव पड़ता है और गर्भपात होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। हालांकि, प्रेगनेंसी के आखिरी तीन महीनों में तिल के बीज का सेवन किया जा सकता है; जो नॉर्मल डिलीवरी की प्रक्रिया में मददगार साबित होता है। लेकिन, प्रेगनेंसी के दौरान किसी भी वक्त तिल के बीज का सेवन करने से पहले गयनेकोलॉजिस्ट से सलाह जरूर लें।

६) कच्चा मांस –

प्रेगनेंसी के पहले तीन महीनों में महिला को कच्चा मांस खाने से परहेज किया जाता है। क्योंकि, कच्चे मांस में सालमोनेला, ईकोलाई जैसे जीवाणु मौजूद होते हैं; जो पेट में जाने के बाद फूड पॉइजनिंग का कारण बनते हैं; जिसके तहत महिलाओं को डिहाइड्रेशन, डायरिया, उल्टी जैसी अन्य समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं और यह समस्या गर्भपात का कारण बन सकती हैं।

महिलाएं अगर मांसाहार का सेवन करती हैं; तो वह मांस को अच्छे से पका कर खाएं। मांस को पकाने से पहले अच्छे से साफ करें, अच्छे से धो लें और मांस को धोने के बाद अपने हाथों को भी अच्छे से साफ करें।

७) अनानास

वैसे तो, अनानास शरीर के लिए बहुत ही स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है। लेकिन, गर्भावस्था के दौरान अनानास का सेवन करने से महिलाओं में गर्भपात की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। इसीलिए, महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान पाइनएप्पल का सेवन नहीं करना चाहिए।

प्रेगनेंसी में गर्भ गिरने से बचाने के लिए खाने पीने का क्या ख्याल रखे ?  Ladki Pregnant hai to Uska Garbh Girane se Bachane ke liye khane pine ke tips :

प्रेगनेंसी में गर्भ गिरने से बचाने के लिए
प्रेगनेंसी में गर्भ गिरने से बचाने के लिए

प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को खानपान का विशेष ख्याल रखना पड़ता है और निम्नलिखित चीजों के बारे में भी गौर करना जरूरी होता है।

  1. प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को हमेशा ही संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए। जिसमें; हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, फलों का रस, सूप, ओट्स, घी, दही, दूध तथा अन्य पौष्टिक तत्वों से युक्त पदार्थों का सेवन करने से गर्भ में पल रहे बच्चे को सही मात्रा में पोषण मिल पाता है और उसका विकास होने में मदद मिलती है।
  2. प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को डाइट के बारे में कोई भी हिचकिचाहट हो या कोई सवाल हो; तो उनको अपने गाइनेकोलॉजिस्ट से एक बार जरूर बात करनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर, न्यूट्रीशनिस्ट या डाइटिशियन से सलाह लेकर प्रेगनेंसी के दौरान सही प्रकार का डाइट जरूर लेना चाहिए।
  3. प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को ऐसे पदार्थों से बचना चाहिए; जिनका सेवन करने से उनके गर्भावस्था में किसी भी तरह की परेशानी हो सकती हैं। ऐसे पदार्थ जैसे; पपीता, कच्चा मांस, कच्चे अंडे, कच्ची मछली, कॉफी, शराब, धूम्रपान, तंबाकू के पदार्थ ऐसे ही कई अन्य पदार्थों का सेवन गर्भ में पल रहे भ्रूण के स्वास्थ्य पर बहुत ही बुरा प्रभाव डालते हैं। इसीलिए, महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान इन सभी चीजों का त्याग करना चाहिए।
  4. महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान ज्यादा पानी पीने की सलाह दी जाती हैं। महिलाओं को प्रेगनेंसी में शरीर में पानी की मात्रा उचित बनाए रखना बहुत ही आवश्यक होता है। क्योंकि, शरीर में पानी की मात्रा कम होने पर डिहाइड्रेशन की समस्या होती है और गर्भ में पल रहे बच्चे तथा महिला स्वयं को तकलीफ होने की संभावना बनी रहती हैं। महिलाएं पानी के साथ-साथ; फलों का जूस, नारियल का पानी जैसे अन्य तरल पदार्थों का सेवन भी कर सकती हैं।
  5. खाने पीने की चीजों का ध्यान रखते हुए महिलाओं को अपने मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी बहुत आवश्यक होता है। गर्भावस्था के दौरान होने वाले शारीरिक बदलाव तथा अन्य पीड़ा महिलाओं को मानसिक रूप से तनावग्रस्त कर देती हैं। इस तनाव से बचने के लिए और हमेशा आनंद में रहने के लिए महिलाएं विभिन्न प्रकार के छंदों का सहारा ले सकती हैं। जैसे; गाने सुनना, बुक्स पढ़ना, गार्डनिंग करना, घूमने जाना, अपने पसंदीदा काम करना आदि प्रयत्नों से महिलाएं गर्भावस्था के दोना आने वाले तनाव को कम करने में सफल हो पाती हैं। इसी के साथ, महिलाएं मानसिक तनाव को कम करने के लिए मैडिटेशन और योग प्राणायाम का सहारा ले सकती हैं।
  6. गर्भावस्था के दौरान शारीरिक ऐठन का अनुभव होता है। इस समस्या का निवारण करने के लिए महिलाएं हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह के अनुसार हल्के-फुल्के व्यायाम कर सकती हैं। एक्सरसाइज करने से शरीर में ब्लड सरकुलेशन बढ़ता है और मांसपेशियों को मजबूती मिलती हैं। गर्भावस्था के दौरान अगर महिलाएं हल्की-फुल्की एक्सरसाइज भी कर ले; तो इसका गर्भ में पल रहे बच्चे पर बहुत ही अच्छा प्रभाव पड़ता है और उसका विकास होने में भी मदद मिलती हैं।

तो दोस्तों, आज के लिए बस इतना ही। उम्मीद है, आपको आज का यह ब्लॉग अच्छा लगा हो। धन्यवाद।

 

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